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Posted on 1 September 2007 अस्थमा एक
ऐसी बीमारी है जहां पर स्वासनली. या इससे संबंधित हिस्सों
में सूजन के कारण फेफडे में हवा जाने के रास्ते में रूकाबट
आती है जिससे सांस लेने में तकलीफ आती है जब एलर्जन्स या
इरिटेट्स स्वासनली में सूजे हुए हिस्से के संपर्क में आते
है तो पहले से ही संवेदनशील स्वासनली सिकुडकर और भी संकरी
हो जाती है जिससे व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी होने
लगती है क्या अस्थमा की चेतावनी से जुडे कोई लक्षण हैं ?
जी हां बिल्कुल वयस्क लोगों में इसके लक्षण इस प्रकार हैं
१ सांस का जल्दी-जल्दी लेना
२ सांस लेने में तकलीफ खांसी के कारण नींद में रूकाबट
३ सीने में कसाव या दर्द
४ पीक फ्लो मीटर में पीक फ्लो रेट में गिरावट.पीक फ्लो
मीटर एक ऐसा आसान और सस्ता उपकरण है जिसकी मदद से आप अपने
फेफडे की कार्यप्रणाली पर नजर रख सकते हैं |
अस्थमा का क्या कारण है -
किसी भी व्यक्ति को अस्थमा होने की ज्यादातर संभावना तब
होती है यदि उसके माता पिता दादा-परदादा या परिवार में किसी
को भी ये हुआ है | अस्थमा का एक और कारण है पर्यावरण के
एलर्जन्स या इरिटेंट्स के प्रति व्यक्ति की
संवेदनशीलत दरअसल सूजन जिससे अस्थमा होता है ये स्वासनली
पर्यावरण के अनेकों ट्रिगर्स के प्रति बहुत ही संवेदनशील
हो जाती है |
ज्यादातर मामलों मेंअस्थमा एलर्जिक और नॉन -एलर्जिक की मिली
-जुली प्रतिक्रिया का नतीजा व्यक्ति
नीचे बताए गए एक या ऐसे
अधिक ट्रिगर्स से प्रभावित हो सकता है |
१ परागरण. कॉक्रोच और मोल्ड्स जैसे एलर्जन्स
२ हवा में प्रदूषण और इरिटेंट्स
३ धूम्रपान और उसका धुआं
४ स्वसन संबंधी इंफेक्शन .जिसमें सर्दी भी शामिल
है
५ ज्यादा .शारीरिक परिश्रम .कसरत
६ ठंडी हवा
७ कुछ खास तरह की दवाइंया -जैसे कि बीटा-ब्लॉकर्स.एस्प्रिन
और अन्य नॉन-स्टेरॉयडल ऐंटी-इंफ्लेमेट्री ड्रग्स (कार्डियक
ड्रग्स और पेन किलर्स)
८ सल्फाइट्स-जल्द खराब हो जानेवाने खाद्ध पदार्थों में
मिलाए जानेवाले प्रीजर्वेटेव्ज |
क्या अस्थमा का उम्र से कुछ लेना-देना है ?
अस्थमा किसी भी उम्र में हो सकता है यदि व्यक्ति की उम्र
३० से कम है तो शायद उसके अस्थमा का कारण एलर्जिक हो सकते
है यदि उस व्यक्ति की उम्र ३० से अधिक है तो शायद हवा में
तैरते कणों की एलर्जी के कारण भी अस्थमा हो सकता है |
कुछ लोगों में खासतौर से बडे-बुजर्गों में स्वसन संबंधि
एलर्जिक की कोई खास भूमिका नही होती .यहां उनके अस्थमा का
कारण वायरस ,सिगरेट का धुआं, ठंडी हवा.यहां तक कि
भावनात्मक तनाव हो सकता है |
क्या अस्थमा ठीक हो सकता है ?
उचित उपचार के साथ अस्थमा के लक्षणों और उसके दौरों में
सुधार आता है बीमारी की गंभीरता पर उपचार की अवधि निर्भर
करती है उस उपचार के साथ कोई भी व्यक्ति एक सामान्य जीवन
जी सकता है पर एक बात का हमेशा ध्यान रहे कि उपचार न कराने
पर ये बीमारी गंभीर रूप ले सकती है |
अस्थमा -क्या करें
और क्या न करें
ऐसा करें
१ धूल से बचें और धूल -कण अस्थमा से प्रभावित लोगों के लिए
एक आम ट्रिगर
है |
२ एयरटाइट गद्दे .बॉक्स स्प्रिंग और तकिए के कवर का
इस्तेमाल करें ये वे चीजें है जहां पर अक्सर धूल-कण होते
है जो अस्थमा को ट्रिगर करते है .
३ पालतू जानवरों को हर हफ्ते नहलाएं.इससे आपके घर में गंदगी
पर कंट्रोल रहेगा
|
४ अस्थमा से प्रभावित बच्चों को उनकी उम्र वाले बच्चों के
साथ सामान्य गतिविधियों में भाग लेने
दें |
५ अस्थमा के बारे में अपनी और या अपने बच्चे की जानकारी
बढाएं इससे इस बीमारी पर अच्छी तरह से कंट्रोल करने की समझ
बढेगी |
६ बेड सीट और मनपसंद स्टफड खिलोंनों को हर हफ्ते धोंए वह
भी अच्छी क्वालिटीवाल एलर्जक को घटाने वाले डिटर्जेंट के
साथ |
७ सख्त सतह वाले कारपेंट अपनाए
|
८ एलर्जी की जांच कराएं इसकी मदद से आप अपने अस्थमा
ट्रिगर्स मूल कारण की पहचान कर सकते
है |
९ किसी तरह की तकलीफ होने पर या आपकी दवाइयों के आप पर
बेअसर होने पर अपने डॉक्ट से संर्पक करें |
ऐसा न करें
१ यदि आपके घर में पालतू जानवर है तो उसे अपने विस्तर
पर या बेडरूम में न आने
दें |
२ पंखोंवाले तकिए का इस्तेमाल न करें
|
३ घर में या अस्थमा से प्रभावित लोगों के आस -पास धूम्रपान
न करें संभव हो तो धूम्रपान ही करना बंद कर दें क्योंकि
अस्थमा से प्रभावित कुछ लोगों को कपडों पर धुएं की महक से
ही अटैक आ सकता
है |
४ मोल्ड की संभावना वाली जगहों जैसे गार्डन या पत्तियों के
ढेरों में काम न करें और न ही खेलें
|
५ दोपहर के वक्त जब परागकणों की संख्या बढ जाती है बाहर न
ही काम करें और न ही खेलें
|
६ अस्थमा से प्रभावित व्यक्ति से किसी तरह का अलग व्यवहार न
करें |
७ अस्थमा का अटैक आने पर न घबराएं.इससे प्रॉब्लम और भी बढ
जाएगी. ये बात उन माता-पिता को ध्यान देने वाली है जिनके
बच्चों को अस्थमा है अस्थमा अटैक के दौरान बच्चों को आपकी
प्रतिक्रिया का असर पडता है यदि आप ही घबरा जाएंगे तो आपको
देख उनकी भी घबराहट और भी बढ सकती है | |