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Posted on 1 September 2007 अगर आपके
बच्चे को अस्थमा हो तो आपके लिए यह जानना महत्वपूर्ण हो
जाता है कि अस्थमा तथा अस्थमा जैसी सांस की समस्या कई बार
मौसमी उत्तेजकों के कारण पैदा हो सकती है या भडक सकती है
परागकण तथा फफूंद ऐसे अस्थमा -उत्तेजक हैं जो कि साल के
कुछ निश्चित समयों पर हमारे आसपास मौजूद रहते हैं साल कि
इन अवधियों के दौरान आपकी थोडी सी ज्यादा कोशिश आपको अपने
बच्चे के अस्थमा को काबू में रखने में मदद कर सकती है अब
आपके बच्चे के अस्थमा उत्तेजक चाहे कुछ भी हों. उसका उपचार
तकरीबन वही रहता है.
० उसे दवा देते रहिए जो कि डॉक्टर ने उसके किए निर्धारित
की है.
० अस्थमा उत्तेजकों से उसका सम्पर्क होने से बचाने के लिए
आप जो भी कर सकते
हैं कीजिए
आपके लिए इसका सबसे तरीका यह जानना होगा कि किन चीजों से
आपके बच्चे की सांस की तकलीफ बढता है इससे आपको पता चल
सकेगा कि किनसे बचना होगा बहरहाल .आने वाली स्थिति के बारे
में बहुत ज्यादा सोच-सोच कर परेशान भी मत होइए. आपका काम
है मौसम में अपने बच्चे को अस्थमा का सामना करने में मदद
करना |
सर्दियों में आपका बच्चा अस्थमा का सामना कैसे करें
हमारी कई बडी 'पारिवारिक' छुट्टियां सर्दियों के महीने
में आती है ऐसे में अपने रिश्तेदारों तथा मित्रों से मिलने
के लिए आप और आपका बच्चा भी विभिन्न स्थानों की सैर पर जा
सकते हैं .इनमें से कुछ स्थान विभिन्न प्रकार के अस्थमा
उत्तेजकों के पनपने या फलने-फूलने के मौसन हो सकते हैं जो
आपके बच्चे क स्वसन संबंधी समस्याओं को बढा सकते हैं
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आपको इस बात का पूरा ध्यान रखना होगा कि आपके बच्चे को उसकी
बचावकारी/रोकथाम करने वाली दवा नियमित रूप से मिलती रहे.जो
कि डॉक्टर द्वारा निर्धारित की गई है रोकथामकारी दवाओं का
इस्तेमाल अस्थमा के लक्षणों तथा दौरों से बचने के किए किया
जाता है लेकिन अगर रोकथाम करने वाली दवाइया देने पर भी
अस्थमा के लक्षण और बिगडते है तो अपने बच्चों को
शीघ्र-राहत देने वाली (राहत कारी दवा देने )देने में
विलम्ब न करें..
सर्दी के दौरान वायरल बीमारियां
सर्दियों के दौरान वायरल बीमारियां भी ज्यादा आम हो जाती
है.क्योकि जैसे-जैसे ज्यादा सर्दी का मौसम आता है हम छुट्टी
की गतिविधियों में ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं हल्की सी
वायरल बीमारी भी आपके बच्चे की सांस की तकलीफ को और भी बढा
सकती है ऐसे में आपके लिए महत्वपूर्ण है कि बीमार लोगों के
सम्पर्क से अप्ने बच्चे को दूर रखें हमेशा ध्यान रखें कि
परिवार का सदस्य अच्छी तरह हांथ-धोने जैसी अच्छी आदतों का
पालन करता है तथा आपका बच्ची दूसरे बच्चों के गिलास से पानी
नही पीता है बच्चे को यथा-समय सभी टीके लगवान्व भी एक अछी
बात होगी. अपने डॉक्टर के साथ भी इस बात के लिए चर्चा करें
कि अपने बच्चे को बीमार पडने में बचाव के लिए आपको और क्या
कदम उठाने चाहिए..कई लोग छुट्टियों के दौरान अपने घरों को
सजाते हैं.सजाने का यह साजोसामान शायद किसी धूल भरे
कोने-किनारे पर पडा रहता हो या नर्मीवाले बेसमेन्ट पर रखा
जाता हो और अपने साथ-साथ आपके कमरों में धूल की कुटकिय़ां
तथा/या फफूंद आदि को भी ले आए धूल तथा फफूंद सांस की
समस्याओं को भडकाने वाले आम उत्तेजक होते हैं इसलिए अगर
आपके बच्चे को धूल या फफूंद से एलर्जी हो तो घर की सजावट
करने का विचार छोडने की सोचेंया कम से कम उन कमरों की
सजावट न करें जहां वह सोता है और ज्यादातर समय खेलता
है |
अगर आपके बच्चे को कुछ प्रकार के खाद्ध-पदार्थों से एलर्जी
है तो छुट्टियों के दिन आपके लिए नई चुनौतियां भी पेश कर
सकते है क्योंकि इन दिनों खाने-पीने में नई या अनजानी चीजें
भी मिल सकती हैं इसलिए अगर आपके बच्चे को आहार-एलर्जी है
तो उसके खाने-पीने की चीजों पर पूरी नजर रखें.
अगर आपका बच्चा इस समय रोकथामकारी दवा नहीं ले रहा है तो
आपके बच्चे के डॉक्टर से यह पूछने का यही उपयुक्त समय है
कि क्या इस प्रकार का उपचार के लिए सही रहेगा
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वसन्त के दौरान अपने बच्चे के अस्थमा का सामना कैसे करें
वसन्त के दौरान पौधों के परागकण अस्थमा पैदा करने का एक
कारण बन सकते है परागकण बहुत छोटी-छोटी अंडे के आकार की
कोशिकाओं से बने होते है जो कि वृक्षों.घास औ खरपतवारों
अर्थात तरह-तरह के फूलवाले पौधों पर पैदा होते है कुछ पौधों
पर छोटे.हल्के तथा सूखे परगकण होते हैं जो कि हवा के झौकों
के साथ आसानी से एक स्थान से दूसरे तक पहुंच जाते है जब
मौसम गर्म .खुश्क और हवादार होता है तो परागकण सबसे आसानी
से फैलते हैं इसलिए इस प्रकार दिनों में आपको अपने बच्चों
सुरक्षा का सबसे ज्यादा ध्यान रखना चाहिए
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अपने बच्चे को आसानी से सांस लेने देने में आप क्या मदद
कर सकते हैं ?
अगर वसन्त के अस्थमा उत्तेजकों के कारण आपके बच्चे की सांस
संबंधी तकलीफें बढती हैं तो आपको यह ध्यान रखना चाहिए कि
वह अपनी बचावकारी/रोकथाम करनेवाली दवाई नियमित रूप से लेता
है अगर रोकथामकारी दवाइयां देने पर भी अस्थमा के लक्षण और
बिगडते हैं तो अपने बच्चे को शीघ्र-राहत देने वाली (राहतकारी)दवा
देने में बिलम्ब न करें.अगर आपका बच्चा इस समय रोकथामकारी
दवा नही ले रहा है तो आपके बच्चे के डॉक्टर से यह पूछने का
यही उपयुक्त समय है कि क्या इस प्रकार का उपचार उसके लिए
सही रहेगा..
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