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Posted on 17
July 07 पिछले एक दशक
से अस्पतालों में ऐसे रोगियों की संख्या दिनोंदिन बढती जा
रही है, जो किसी न किसी कारणवश आत्महत्या करने का प्रयास
करते है | आँकडों के अनुशार हर साल प्रति एक लाख की
जनसंख्या में १५-२० व्यक्ति आत्महत्या कर लेते है | कारण
(1) मनोचिकित्सकीय अध्ययनों से इस बात के संकेत मिले हैं
कि जो व्यक्ति बेहद संवेदनशील या भावुक होते हैं, उनमें
आत्महत्या करने की प्रव्रत्ति कहीं ज्यादा होती है इसके
अलावा जिन व्यक्तियों में तनाव से जूझने की या फिर तनाव का
प्रबंध करने की क्षमता नही होती और जो लोग मानसिक बीमारियों
जैसे उदासी या डिप्रेशन के शिकार होते हैं, उनमें भी
आत्महत्या की प्रव्रत्ति अधिक पायी जाती है |
(2) लंबी बीमारी व सामाजिक रुप से अलग-थलग पङ जाने के कारण
भी लोग आत्महत्या कर लेते हैं |
(3) जो लोग जीवन की विभिन्न समस्याओं को लेकर लगातार
तनावग्रस्त रहते हैं जिनकी सोच नकारात्मक होती हैं, उनमें
आत्महत्या की प्रव्रत्ति कहीं अधिक पायी जाती है |
पारिवारिक व वैवाहिक जीवन का तनावपूर्ण होना और आर्थिक तंगी
भी आत्महत्या का कारण बन सकती हैं |
मनोचिकित्सकीय परामर्श
उदासी, डिप्रेशन (depression) और लगातार तनाव की स्थिति के
बने रहने पर शीघ्र ही मनोचिकित्सक से संपर्क करें |
मनोचिकित्सकीय परामर्श से अधिक लोगों की नकारात्मक सोच
सकारात्मक सोच में बदल जाती है | वैसे तनाव व डिप्रेशन को
कम करने के लिए अनेक औषधियों भी उपलब्ध हैं | |