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Computer और आँखो पर
दुष्प्रभाव |
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Posted on 24
July 07 आज तमाम ऐसे लोग हैं, जो
प्रतिदिन Computer के समक्ष कई घंटों तक बैठकर कार्य करते
हैं, और कुछ समय के बाद वे शिकायतें करते हैं कि उनकी आँखों
में तकलीफ होने लगी है |
लक्षण
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Screen पर दृष्टि जमाने के कारण
हमारी पलकों के बंद होने व खुलने व बंद होने की गति
में कमी हो जाती है इसी चिक्तिसकीय भाषा में ब्लिंक
रेट (Blink Rate) में कमी कहते हैं |
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यह पलक निहारने या घूरने जैसी
अवस्था होती है | इस कारण हमारी आँखों की रक्षा के लिए
बना आंसू का अपघट्य विघटित (Decompose) होने लगता है
इस कारण हमारी आँखों में सूखापन आ जाता है इस स्थिति
में आँखों में जलन लाली तकलीफ या फिर थकान का अहसास
होने लगता है |
-
अधिक चमक की वजह से पुतली लगातार
सिकुङी रहती है | इस कारण हमारी आँखों की मांसपेशियों
में थकान व सिर दर्द संभव है | इस स्थिति में (Induced
Myopia) या चश्मे का नंबर (कम या ज्यादा समय के लिए)
बढ जाता है |
बचाब
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Computer जिस कमरे रखा है उस की
बत्तियों को सामान्तः जलती रहने दें |
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Computer Screen के Brightness
को कम कर दें और Screen के Contrast को हल्का कर दें |
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यदि कमरे में AC चल रहा है तो उसे
(Humidifiers) का प्रावधान किया जा सकता है |
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पलकों को चलाते रहें (Keep
blinking) ऐसा करने से आँखों की पर्त गीली रहती है |
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अपनी आँखों को बीच-बीच में
विश्राम दें, थोङी देर दूर की किसी वस्तु पर इधर-उधर
देखने से लाभ मिल सकता है |
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Computer से अपनी दूरी बढाइये
बीच में एक Table रखकर उस पर Key Board रखा जा सकता है
या कुर्सी को पीछे करके Key Board को अपनी जाँघों पर
रखकर काम किया जा सकता है |
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कुर्सी को Computer Table की
ऊचाई पर लें जायें इससे आपकी आँखों का स्तर Screen से
थोडा ऊपर हो जाता है और पलकों का द्वार कम खुलता है |
इससे आपकी आँखों का बचाब हो जाता है |
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