Last Update: 1 September 2007

Report Us

ZI GROUP has now started working on several Articles in both Hindi & English. We need you support. If, in any article, you find any mistake in it, please let us know. We will try to make all possible efforts to eradicate these problems.

If you feel any problem in viewing this page, please email us at

zigrouphelpline@gamil.com 

More... 

गर्भावस्था के दौरान अस्थमा का सामना कैसे करें |

Posted on 1 September 2007

आम सच्चाइयां
मां या उसके गर्भ में पल रहे बच्चे यानी भ्रूण को, अस्थमा को नियंत्रित करने के लिए ली जाने वाली औषधियों से होने वाले खतरे की तुलना में अनियंत्रित अस्थमा से पैदा होने वाले खतरे कहीं ज्यादा बडे होते हैं गर्भवती स्त्री दो जीवनों के लिए सांस लेती है इसलिए उसके अस्थमा का अच्छी तरह नियंत्रित स्थिति में होना बहुत जरुरी है: मां को सांस लेने में दिक्कत हो तो गर्भस्थ शिशु भ्रूण को आक्सीजन की सप्लाई में कमी का सामना करना पड सकता है |
अस्थमा के नियंत्रण में होने पर अस्थमा पीडित स्त्रियों को गर्भावस्था के दौरान तथा बच्चे को जन्म् देते समय अस्थमा रहित स्त्रियों के मुकावले अधिक जटिलतांओ का सामना नही करना पड्ता है.|


अनियंत्रित अस्थमा से निम्नलिखित जटिलताएं पैदा हो सकती -
शिशु का समय से पहले जन्म
नवजात शिशु का वजन कम होना
मां के रक्तचाप में परिवर्तन

आमतौर पर गर्भावस्था के दौरन १/३ स्त्रियों का अस्थमा वैसा ही बना रहता है, या उसमें और बिगाड आता है, १/३ स्त्रियों के अस्थमा की स्थिति में सुधार आता है और १/३ स्त्रियों की स्थिति अपरिवर्तित रहती है | यहां ध्यान रखने लायक एक महत्वपूर्ण बात यह है कि गर्भावस्था के दौरान अस्थमा का प्राथमिक उपचार होना चाहिए अस्थमा के एलर्जीकारी एवं गैर-एलर्जीकारी उत्तेजकों से वचाव |

अस्थमा पर अच्छी तरह से नियंत्रण
अस्थमा पर अच्छा नियंत्रण उस स्थिति को कहा जा सकता है, जब गर्भवती स्त्री:-
अस्थमा के किन्ही लक्षणों के बिना सक्रिय जिन्दगी जी रही हो |
पूरी रात सो पा रही हो तथा अस्थमा के लक्षणों से नीद नही टूटती |
अपना सर्वोत्तम पीक फ्लो नंबर प्राप्त कर रही हो यह एक महत्वपूर्ण संकेतक है क्योंकि यह एक वस्तुनिष्ठ आकलन उपाय है |

अस्थमा के दौरे से बचाव-
तेज दौरे पडने पर भ्रूण को कम मात्रा में ऑक्सीजन मिलती है. जो उसके लिए घातक हो सकता है.इसलिए गर्भावस्था के दौरन या प्रसव की प्रकिया के दौरान अस्थमा के दौरे से बचाव बहुत महत्वपूर्ण है |

इसके लिए कुछ इस प्रकार के कदम उठाए जा सकते हैं-
अपने आसपास के वातावरण पर नियंत्रण रखना, अस्थमा के उत्तेजक तथा कारणों से बचाव .जैसे कि ऊपर कहा गया है गर्भावस्था के दौरान अस्थमा के प्राथमिक उपचार के रूप में उत्तेजकों से बचाव किया जाना चाहिए |
गर्भावस्था, प्रसव तथा शिशु जन्म के दौरान निर्धारित औषधियों को नियमित रूप से लेना चाहिए |

भावी माता को निम्नलिखित बातों की जानकारी होनी चाहिए -
इंफ्लुएन्जा का टीका (वैक्सीन) गर्भावस्था के प्रथम ३ महीने के बाद यह टीका कभी भी दिया जा सकता है इंफ्लुएन्जा का टीका उन लोगो को दी जाने की सिफारिश की जाती है जिनके अस्थमा का एक कारण वायरल इंफेक्शन पाया गया हो | यह उन लोगों को नही देना चाहिए जिनको अन्डे से एलर्जी हो |


व्यायाम - ब्राँकोस्पाज्म अक्सर तेज गति से व्यायाम करने पर होता है तथा ३० से ६० मिनट तक रहता है अस्थमा से पीडित गर्भवती स्त्रियों को अपने चिकित्सक की देखरेख में व्यायाम करना चाहिए व्यायाम से उभरने वाले ब्राँकोस्पाज्मसे निम्नलिखित के जरिए बचा जा सकता है या उसे कम किया जा सकता है |
व्यायाम से पहले औषधि लेना (जैसे कि साल्बेयर)
व्यायाम के अंग के रूप में वार्म-अप तथा कूल डाउन को शामिल करना
ठंडी हवा में व्यायाम करते समय नाक और मुंह को एक स्कार्फ से ढक कर रखना |
धूम्रपान - अजन्मे बच्चे को पर्यावरण में मौजूद तम्बाकू के धुएं या माता तथा पिता से 'सेकेण्ड हैंड स्मोक के रुप में मिलने बाले धुएं से खतरा पहुंच सकता है इस खतरे के प्रतिकूल प्रभाव हो सकते है अगर माता गर्भवस्था के दौरन या उसके पश्चात धूम्रपान करती है तो नवजात शिशु की सड्न इन्फेन्ट डेथ सिन्ड्राम (एस आई डी ए से) से मृत्यु के संभावना ३ गुना ज्यादा रहती है धूम्रपान करने वाली गर्भवती स्त्री को गर्भावस्था के दौरान कभी भी अस्थमा के तेज दौरे पडने का ज्यादा खतरा रहता है | इससे भ्रूण को ऑक्सीजन की सप्लाई गंभीर रूप से घट सकती है खासतौर से तब जबकि सिगरेट के धुंए के कारण भ्रूण के रक्त में पहले से ही कार्बन मोनोआक्साइड अधिक मात्रा में मौजूद हो |
पिता द्वारा दिन में एक पैकेट सिगरेट पीए जाने पर नवजात शिशु के वजन में औसतन १२०g (४ औउन्स) की कमी पाई गई है |

Next Page

डा. एस. के. अवस्थी (अस्थमा,सांस एवम क्षयरोग विशेषज्ञ)

e-mail: sk_awasthi@hotmail.com

What you want to READ

ZI GROUP will be very pleased to publish articles on the topics you want.

Tell us what you want to read

You may also be interested in ...

आत्मा या भूत लगना

क्यों करते हैं लोग 'आत्महत्या'

स्किजोफ्रेनिया

केमिकल सूंघने की लत

सोशल फोबिया

बेचैनी

Addiction Among Adolescents

Kids Love For Inhalants

Perversions


Note: This Hindi page is best viewed on Internet explorer 5 or Above. Other Web Browsers may not support this or words will be different.


Designed by ZI GROUP

© 2007. All rights reserved.